अनुसंधान क्रियाविधि / Research Methodology

अनुसंधान अभिकल्प की विशेषतायें | अनुसंधान अभिकल्प की पूर्व आवश्यकतायें | अनुसंधान-अभिकल्प का महत्व

अनुसंधान अभिकल्प की विशेषतायें | अनुसंधान अभिकल्प की पूर्व आवश्यकतायें | अनुसंधान-अभिकल्प का महत्व | Features of Research Design in Hindi | Pre-Requirements of Research Design in Hindi | importance of research design in Hindi

अनुसंधान अभिकल्प की विशेषतायें

(Characteristics of a Research Design)

(1) सामाजिक (Socialistic)- अनुसंधान-अभिकल्प का सम्बन्ध सामाजिक अनुसंधान से है।

(2) निश्चित दिशा (Definite Direction)- अनुसंधान अभिकल्प द्वारा अनुसंधान की एक निश्चित दिशा का बोध होता है।

(3) सरलीकरण (Simplicity)- इसके द्वारा सामाजिक अनुसंधान की जटिल प्रकृति का सरलीकरण हो जाता है।

(4) निर्मित (To Build)- अनुसंधान अभिकल्प निर्मित किया जाता है।

(5) नियन्त्रण (To Control)- अनुसंधान-अभिकल्प अनुसंधान प्रक्रिया में आने वाली विभिन्न परिस्थितियों पर नियन्त्रण रखता है।

अनुसंधान अभिकल्प की पूर्व आवश्यकतायें

(Pre-requisites of Research Design)

(1) उद्देश्यों का ज्ञान (Knowledge of Objects)- अध्ययन के विशिष्ट उद्देश्यों की जानकारी होना।

(2) समस्या का ज्ञान (Knowledge of Problem) – अनुसन्धान का सम्बन्ध एक विशिष्ट समस्या से होने के कारण शोध अभिकल्प के अन्तर्गत इस समस्या का स्पष्ट एवं विस्तृत ज्ञान होना आवश्यक है।

(3) तथ्य निर्धारित (Determination of Facts)-प्रासंगिक (Relevant) तथा स्थायी (Permanent) तथ्यों को स्पष्ट रूप से निर्धारित करना।

(4) प्रतिनिधित्वपूर्ण परिस्थितियाँ (Representative Situations)- चुनी गई परिस्थितियों को भी इस प्रकार चुनना चाहिए कि वे समय का सही प्रतिनिधित्व कर सके।

(5) आँकड़ों का संग्रह (Collection of Datas)- आँकड़ों के संग्रहके लिए विस्तृत एवं सुनियोजित योजना उपलब्ध होनी चाहिये। इस योजना के अनुसार आँकड़ों का संग्रह किया जाना चाहिये।

(6) आँकड़ों का संस्थान (Institution of Datas)- आँकड़ों के संस्थान के लिए उपयुक्त योजना का प्राप्त होना। इस योजना के अनुसार आँकड़ों का संस्थान किया जाये।

(7) आँकड़ों का विश्लेषण (Analysis of Datas)- संग्रहित आँकड़ों के विश्लेषण के लिए सावधानी पूर्वक सोच-समझकर योजना का निर्माण किया जाये।

अनुसंधान-अभिकल्प का महत्व

(Importance of a Research Design)

(1) उचित मार्गदर्शन (Right Direction)- शोधकर्ता सुविधानुसार अनुसंधान की आवश्यकतानुसार अभिकल्प का चयन करता है इससे शोधकार्य की प्रकृति, लक्ष्य और लक्षण स्पष्ट हो जाते हैं तथा शोधकर्ता पथभ्रष्ट होने की बजाय उचित दिशा में आगे बढ़ता है।

(2) कार्य में सरलता (Work made Easy)- इसकी सहायता से अनुसंधान कार्य की जटिलता और उसमें आने वाली त्रुटियों की सम्भावना कम हो जाती है जिससे अनुसंधान कार्य सरल हो जाता है।

(3) प्रेरणा (Inspiration)- अनुसंधान-अभिकल्प सामाजिक महत्व वाली समस्याओं की ओर अनुसंधानकर्ता को प्रेरित करता है।

(4) समस्याओं की निश्चितता (Certainty of Problem)- अनुसंधान अभिकल्प के निर्मित होने से समस्या का स्वरूप निश्चित हो जाता है जिससे अनुसंधान कार्य को निश्चित दिशा प्राप्त हो जाती है।

(5) दीर्घकालीन योजनायें (Long Time Planning)- शोध-अभिकल्प अनुसंधान दीर्घकालीन योजनाओं की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

(6) तात्कालिक आवश्यक सूचनायें (Contemporary Necessary Inquiries)- शोध-अभिकल्प समस्या की तात्कालिक स्थितियों के बारे में आवश्यक सूचनायें देता है जिनके आधार पर पूर्व प्रतिस्थापित उपकल्पना का परीक्षण किया जाता है।

(7) उपकल्पनाओं का निरूपण (Formation of Hypothesis)- अनुसंधान अभिकल्प सर्वेक्षण कार्य के लिये उपकल्पनाओं का प्राक्कल्पनाओं के निरूपण में सहायता प्रदान करता है।

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About the author

Kumud Singh

M.A., B.Ed.

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