शैक्षिक तकनीकी / Educational Technology

शैक्षिक तकनीकी का अर्थ | शैक्षिक तकनीकी का स्वरूप | शिक्षा का अर्थ | तकनीकी का अर्थ और प्रकृति | शैक्षिक तकनीकी | शैक्षिक तकनीकी की विशेषताएँ | शैक्षिक तकनीकी की समस्याएँ

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शैक्षिक तकनीकी का अर्थ और स्वरूप (Meaning and Nature of Educational Technology)-

 शाब्दिक अर्थ एजूकेशनल टेक्नोलॉजी (Educational Technology) दो शब्दों के मेल से बना है—(1) एजूकेशन और (2) टेक्नोलॉजी | टेक्नोलॉजी शब्द ‘टकने’ (ऊाम्हा) अथवा ‘टेकनीकोस’ (technikos) ग्रीक भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है ‘एक कला’। कुछ लोग ‘टेक्नोलॉजी’ शब्द को लैटिन भाषा के ‘टेक्सयर’ (Texere) शब्द से निर्मित मानते हैं जिसका अर्थ ‘बुनना’ (to weare) या निर्माण करना है।

शिक्षा (Education) का अर्थ

शिक्षा को ‘विद्या’ और ‘अंग्रेजी में ‘एजूकेशन (Education) कहते हैं। यहाँ ‘शिक्षा’ ‘विद्या’ और ‘एजूकेशन’ तीनों शब्दों के व्युत्पति मूलक अर्थ को समझ लेना आवश्यक है यद्यपि ये तीनों शब्द एक ही अर्थ में प्रयुक्त किये जाते है।

(1) ‘शिक्षा’ शब्द- शिक्षा शब्द संस्कृत की शिक्षा’ धातु से निकला है जिसका अर्थ है ‘सीखना’ और सिखाना। इसका तात्पर्य यही है कि ‘शिक्षा सीखने-सिखाने की प्रक्रिया है।”

(2) ‘विद्या शब्द’ पहले ‘शिक्षा’ के स्थान पर ‘विद्या’ शब्द का प्रयोग होता था। इस शब्द के व्युत्पत्ति मूलक अर्थ के आधार पर इसे ज्ञान के रूप में लिया जा सकता है। ज्ञान अनुभव पर आश्रित माना जाता रहा है। विद्या की व्युत्पत्ति है ‘वेत्ति अनया सा विद्या’ अर्थात् जिससे माना जाये वह विद्या है। विद्या के उद्देश्य के बारे में कहा गया है ‘सा विद्या या विमुक्तयें ।’

(3) एजूकेशन (Education) शब्द- यह शब्द लैटिन भाषा के एजूकेटम (Education) से सम्बन्धित है। एजूकेटम शब्द दो मूल शब्दों ‘ई’ तथा ‘डूकों’ (E-Duco) के योग से बना हैक्षजिसमें ‘ई’ का अर्थ है ‘अन्दर से’ (out of) ‘डूको’ का अर्थ है। ‘अग्रसर करना’ (to Lead) अतः ‘एड्केटम’ का अर्थ हुआ ‘अन्दर से बाहर की ओर ले जाना। एजूकेशन शब्द के  इस मूल रूप से ज्ञात होता है कि शिक्षा में अध्यापक छात्रों को कुछ देता नहीं बल्कि उनके भीतर निहित शक्तियों के बाहर आने का मौका देता है। बच्चे में बहुत सी शक्तियाँ होती हैं लेकिन वे सुषुप्तावस्था में होती हैं, उन्हें बाहर लाने का कार्य शिक्षा करती है।’

एजूकेशन शब्द से वह ध्वनित होता हैं कि शिक्षा कोई वस्तु है जिसके द्वारा छात्र की आन्तरिक शक्तियों का विकास किया जाता है। लेकिन शिक्षा कोई वस्तु अथवा पदार्थ नहीं हो सकती। अतः शिक्षाशास्त्रियों का ध्यान लैटिन के दो शब्दों की ओर गया। ये शब्द है ‘एजूकेयर’ (Educare) या ‘एजूशीयर’ (Educere) पहले एजूकेयर का अर्थ है ‘विकसित करना’ या ‘निकालना’ और दूसरे ‘एजूशीयर’ का अर्थ हैं—बढ़ाना, प्रगति करना, उठाना। लोगों का कहना है कि एजूकेशन शब्द इन्हीं एजूकेयर शब्दों से ही निकला है। शिक्षा कोई वस्तु नहीं, इस शब्द से यही ध्वनित होता हैं कि यह प्रक्रिया है।

डिक्शनरी में दिये गये अर्थ के अनुसार शिक्षा का मतलब हैं (1) शिक्षित करना, (2) प्रशिक्षण देना, (3) मस्तिष्क तथा चरित्र का विकास करना, (4) किसी विशेष राज्य की शिक्षा व्यवस्था। डॉ. कुलश्रेष्ठ के अनुसार, ‘शिक्षा बालक को नये-नये अनुभव प्रदान कर इसे हर योग्य बनाती हैं कि वह अपने वातावरण में समायोजित होकर अपनी शक्तियों तथा निहित योग्यताओं का पूर्ण विकास कर योग्यतानुसार अपने परिवार, समाज तथा राष्ट्र को किसी विशिष्ट क्षेत्र में योगदान कर सकें। मदद करता है और साथ ही उनमें परिमाजन तथा संशोधन के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करता है।”

तकनीकी (Technology) का अर्थ और प्रकृति (Nature)-

टेक्नोलॉजी को हिन्दी में तकनीकी कहते हैं। टेक्नोलॉजी शब्द ग्रीक भाषा के टकने (techne) या टेक्नीकोज (technikos) शब्द से निकला है। इसका अर्थ है एक कला। कुछ लोग टेक्नोलॉजी शब्द को लैटिन भाषा के ‘टेक्सयर’ (texere) से निर्मित मानते हैं। इसका अर्थ है बुनना या निर्माण करना (to wear or construct) है। अतः टेक्नोलॉजी अथवा तकनीकी का अर्थ किसी कार्य को करने की कुशल कौशल या दक्षता से है। यह विज्ञान का कला में प्रयोग है।

तकनीकी का अर्थ है ‘दैनिक जीवन में वैज्ञानिक ज्ञान का प्रयोग करने की विधियाँ डॉ० दास के अनुसार, ‘कुछ उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए वैज्ञानिक ढंग से संगठित पद्धति को तकनीकी कहते हैं।’

तकनीकी या टेक्नोलॉजी को हम और सरल ढंग से इस प्रकार समझ सकते हैं-तकनीकी का अर्थ विज्ञान के ज्ञान को दैनिक जीवन की आवश्यकता को पूर्ण करने के लिए प्रयोग है। अथवाक्षवैज्ञानिक ज्ञान के व्यावहारिक प्रयोग को तकनीकी कहते हैं। और भी स्पष्ट रूप से कह सकते हैं कि दैनिकक्षजीवन में वैज्ञानिक ज्ञान के प्रयोग करने की विधि को तकनीकी कहते हैं। अर्थात् जब वैज्ञानिक ज्ञान का व्यावहारिक कार्यों में प्रयोग किया जाता है तो उसे तकनीकी कहते हैं।

“शिक्षा से तात्पर्य बालक के व्यवहार में वांछित परिवर्तन लाना है। शिक्षा से बालक की मूल प्रवृत्तियाँ परिमार्जित होती है। मूल प्रवृत्तियाँ के परिमार्जन में, मनोविज्ञान, तकनीकी तथा विज्ञान अपना प्रभावपूर्ण योगदान शिक्षा के क्षेत्र में प्रदान करता है, अतः शिक्षा स्वयं में एक आत्मनिर्भर (घ्हाजहाहू) प्रत्यय नहीं है वरन् यह तकनीकी विज्ञान से सम्बन्धित है।”

शैक्षिक तकनीकी (Educational Technology)-

जिस क्षेत्र में तकनीकी का प्रयोग किया जाता है उसे उसी क्षेत्र की तकनीकी कहते हैं जैसे- कृषि तकनीकी, औद्योगिक तकनीकी। ठीक इसी प्रकार शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए विद्यार्थी के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन के लिए वैज्ञानिक साधनों, उपकरणों या सिद्धान्तों का प्रयोग किया जाता है तो हम उसे शैक्षिक तकनीकी कहते है।

सीखने और सिखाने के कार्य को सरल, सहज, प्रभावशाली बनाने के लिए, वैज्ञानिक तकनीकी, मनोविज्ञान के सिद्धान्तों और विधियों के उचित प्रयोग को शैक्षिक तकनीकी कहते हैं।

शैक्षिक तकनीकी की विशेषताएँ (Characteristics of Educational Technology)-

शैक्षिक तकनीकी मानवीय एवं गैर मानवीय माध्यमों या साधनों से संयुक्त एक ऐसी प्रक्रिया है जो शिक्षा-व्यवस्था की प्रभावकारिता में वृद्धि करती है। शैक्षिक तकनीकी की विविध परिभाषाओं अवलोकन के आधार पर इसकी प्रमुख विशेषताओं को निम्नवत् उद्घाटित किया जा सकता हैं-

  1. शैक्षिक तकनीकी शिक्षा एवं शिक्षण में विभिन्न वैज्ञानिक अन्वेषणों एवं यंत्रों का अनुप्रयोग एवं उनके क्रियाविधि के ज्ञान व कौशल की प्राप्ति का विज्ञान है।
  2. शैक्षिक तकनीकी में सामाजिक, वैज्ञानिक, मानविकी, प्रबन्धकीय विषयों के प्रमुख सिद्धान्तों को अपनाकर शिक्षण के व्यावहारिक उद्देश्यों की प्राप्ति की जाती है।
  3. शैक्षिक तकनीकी विविध शैक्षिक समस्याओं के समाधान में उपयोगी होता है।
  4. शैक्षिक तकनीकी अधिगम एवं शिक्षण हेतु उपयुक्त परिस्थितियों के निर्माण में सहायक होता है।
  5. शैक्षिक तकनीकी शिक्षाशास्त्र का एक अभिन्न अंग एवं क्षेत्र है।
  6. शैक्षिक तकनीकी में विज्ञान एवं तकनीकी की शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया जाता है।
  7. शैक्षिक तकनीकी एक निरन्तर विकासशील एवं प्रयोग परक व्यावहारिक अध्ययन है।
  8. शैक्षिक तकनीकी शिक्षण एवं अधिगम को सरल, सुगम, प्रभावोत्पादक तथा बोध्यपरक बनाता है।
  9. शैक्षिक तकनीकी शिक्षण प्रशिक्षण का एक व्यवहारिक पक्ष और नूतन आयाम है।
  10. शैक्षिक तकनीकी शिक्षा व्यवस्था शिक्षण व्यवस्था, प्रबन्ध व्यवस्था के नियोजन, संचालन तथा मूल्यांकन में उपादेय होता है।
  11. शैक्षिक तकनीकी में शिक्षा के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अधिगम दशाओं का संगठन समाहित होता है।
  12. शैक्षिक तकनीकी में हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल यांत्रिक उपकरणों में किया जाता है।
  13. शैक्षिक तकनीकी में हार्डवेयर (यांत्रिक उपकरणों) से संचालन हेतु अनुभवी तथा प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की जरूरत पड़ती है।
  14. शैक्षिक तकनीकी का सम्बन्ध शिक्षा तथा शिक्षण में नवीन यंत्रों, प्रविधियों का विकास तथा उनका उपयोग है।
  15. शैक्षिक तकनीकी अदा (Input) प्रदा (Output) तथा प्रक्रिया (Process) आधारित होती है।

शैक्षिक तकनीकी की समस्याएँ-

शैक्षिक तकनीकी की समस्याएँ निम्न हैं-

  1. शिक्षक को जानकारी का अभाव होना है।
  2. तकनीकी बहुत महंगी होना।
  3. तकनीकी का विरोध होना।
  4. अनुभवी प्रशिक्षण की कमी होना।
  5. संसाधनों का अभाव होना।
  6. शिक्षा व्यवस्था में नूतन व्यवस्था का विरोध होना।
  7. कुशल छात्र नहीं होना।
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About the author

Kumud Singh

M.A., B.Ed.

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