मानव संसाधन प्रबंधन / Human Resource Management

निष्पादन मूल्यांकन की प्रक्रिया | कर्मचारियों के लिए निष्पादन मूल्यांकन के लाभ | प्रबन्ध के लिए निष्पादन मूल्यांकन के लाभ

निष्पादन मूल्यांकन की प्रक्रिया | कर्मचारियों के लिए निष्पादन मूल्यांकन के लाभ | प्रबन्ध के लिए निष्पादन मूल्यांकन के लाभ | Process of Performance Appraisal in Hindi | Benefits of Performance Appraisal for Employees in Hindi | Benefits of Performance Appraisal for Management in Hindi

निष्पादन मूल्यांकन की प्रक्रिया

(Process of Performance Appraisal)

निष्पादन मूल्यांकन एक प्रक्रिया है जिसका प्रमुख उद्देश्य कार्यरत मानव संसाधन की वास्तविक क्षमता का पता लगाना और उसका सफल उपयोग करना है। निष्पादन मूल्यांकन को प्रभावशाली बनाने के लिए निष्पादन मूल्यांकन कार्यक्रम बनाने पड़ते हैं जिसमें विभिन्न प्रकार के निष्पादन श्रेणीयन (Criteria) का निर्धारण करना पड़ता है। जैसा कि स्पष्ट है कि एक प्रभावशाली निष्पादन मूल्यांकन कार्यक्रम की कई विशेषताएं हैं। इस प्रणाली में मूल्यांकक तथा मूल्यांककी या अधिकारी व अधीनस्थों दोनों का सहयोग प्राप्त करना आवश्यक है। निष्पादन प्रक्रिया जटिल भी नहीं होनी चाहिए। प्रायः मूल्यांकन के कई स्रोत हैं, अतः उन स्त्रोतों में भी समन्वय होना चाहिए तथा समय-समय पर सामयिक विचार-विमर्श (Periodic Discussion) व पुनः अवलोकन (Review) भी किया जाना चाहिए।

सामान्यतः एक निष्पादन मूल्यांकन प्रक्रिया को निम्नलिखित चरणों (Steps) में पूरा किया जा सकता है:

(1) निष्पादन घटक (Performance Factor) का चयन करना जोकि कार्य विवरण पर आधारित हो, तथा यह निर्धारण करना कि कौन-सा मानक (Standards) प्राप्त किया जाना है।

(2) निष्पादन पुनः अवलोकन अवधि (Performance Review Period) का निर्धारण करना।

(3) वास्तविक निष्पादन (Actual Performance) का मापन करना ।

(4) वास्तविक क्षमता की निर्धारित किए गए मानक से तुलना करना तथा उसे उपयुक्त मापन स्केल पर अंकन करना।

(5) प्राप्त अंकन या परिणाम से निर्धारित (Appraise) को अवगत करना या कर्मचारियों को सूचित करना।

(6) निष्पादन मूल्यांकन के परिणाम का उपयोग अपने निर्धारित लक्ष्यों व उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए करना।

कर्मचारियों के लिए निष्पादन मूल्यांकन के लाभ

कर्मचारियों के लिए (For Employees)

(i) संगठन व स्वयं के प्रति एक अच्छी समझ विकसित होना कि संगठन में उनकी क्या भूमिका है, क्या संगठन में उनकी अपेक्षा है और उन अपेक्षाओं की पूर्ति के लिए क्या किया जा सकता है।

(ii) अपने व्यक्तिगत क्षमता व कमजोरियों की अच्छी समझ विकसित होना तथा भविष्य की जरूरतों के अनुसार अपने को परिवर्तित करना।

(iii) उत्प्रेरणा, कार्य संतुष्टि तथा स्वयं ऊर्जा ( का विकास करना।

(iv) कार्य से सम्बन्धित समस्याओं पर चर्चा करने का अवसर प्राप्त होना तथा उन समस्याओं से निजात पाने का रास्ता ढूंढना।

(v) प्रशिक्षण एवं विकास के लिए मार्ग मिलना तथा कुशल मार्गदर्शन प्राप्त होना।

(vi) वरीय पदाधिकारियों के साथ कार्य सम्बन्धों का विकास होना।

(vii) कर्मचारियों का आत्म विकास होना तथा उनका मनोबल ऊंचा होना।

प्रबन्ध के लिए निष्पादन मूल्यांकन के लाभ

प्रबन्ध के लिए (For Management)

(1) उचित कार्यक्षमता की पहचान करना तथा कार्य करने वाले क्षमतावान व अक्षमतावान व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें अच्छी क्षमता के लिए उत्प्रेरित करना।

(2) उच्च जिम्मेदारी वहन करने के लिए कर्मचारियों को तैयार करना, और उन्हें अवसर प्रदान करना।

(3) कर्मचारियों एवं प्रबन्धकों के बीच उचित संवादवहन के विकास का अवसर प्रदान करना।

(4) प्रशिक्षण एवं विकास की आवश्यकता की पहचान करना।

(5) सुधार व विकास के लिए दशा-निर्देश देना।

(6) सम्भावना की अच्छी समझ विकसित करना और कैरियर प्लान का निर्माण करना।

(7) मानव संसाधन की वास्तविक क्षमता एवं शक्ति का आकलन करना और उन्हें उसी के अनुरूप क्षतिपूर्ति प्रदान करना।

(8) गठन की वास्तविक क्षमता का आकलन कर संगठन को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना।

(9) पारितोषण एवं दण्ड की प्रक्रिया में सहायक।

(10) उत्तम तथा प्रभावशाली पर्यवेक्षण विकसित करने में।

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About the author

Kumud Singh

M.A., B.Ed.

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